बहन से वादा: रक्षाबंधन के उपहार पर दिल छू लेने वाली बाल कहानी

बहन से वादा: रक्षाबंधन के उपहार पर दिल छू लेने वाली बाल कहानी

बहन से वादा: राखी का त्यौहार आ रहा था। संजू ने अपनी बहन टीना से वादा किया था कि इस बार वह उसे राखी पर उसका पसंदीदा उपहार देगा। टीना ने उपहार जानना चाहा तो संजू बोला, “यह अंदर की बात है। इसे अभी राज ही रहने दो दीदी”।

संजू कुछ ही दिन पहले अपनी मम्मी और दीदी के साथ पास के बाजार गया था। वहां टीना ने एक सुनार की दुकान पर बहुत ही प्यारी चांदी की अंगूठी देखी और पसंद की थी मगर पापा की सैलरी में अभी काफी दिन थे इसलिए मम्मी ने सुनार से कहा था कि वेतन आने पर ले जाएंगे, तब तक वह यह अंगूठी किसी और को न दे।

बहन से वादा: हरिन्दर सिंह गोगना

संजू ने उसी पल सोच लिया था कि इस बार राखी पर अपनी बहन को वही अंगूठी तोहफे में देगा।

राखी की सुबह जब संजू सो रहा था तो टीना उसे जगाने आई और उसका कंधा हिला कर बोली, “संजू उठो और नहा-धो कर तरो ताजा हो जाओ। राखी नहीं बांधनी क्या? फिर बुआ जी भी आने बाले हैं पापा को राखी बांधने। घर की साफ-सफाई में मुझे मम्मी के साथ हाथ बंटाना है”।

संजू बिस्तर से उठ कर सीधा गुसलखाने में चला गया। फिर नहा-धोकर आया और अपनी कलाई अपनी दीदी के आगे कर दी।

टीना ने उसे राखी बांधी तो संजू ने अपनी जेब से वही अंगूठी निकाल कर अपनी दीदी को देते कहा, “दीदी, तुम्हारा उपहार…”!

टीना ने उपहार की तरफ देखा और खुश होने की बजाय उदास हो गई व संजू की तरफ संदेह भरी नजरों से देखते हुए बोली, “यह उपहार तो मैं नहीं लूंगी…”।

संजू को हैरानी थी कि उसकी बहन अपनी पसंदीदा अंगूठी को लेने से इंकार कर रही थी। उसने पूछा, “दीदी, तुमने यही अंगूठी तो एक दिन सुनार की दुकान में पसंद की थी…”।

“मुझे याद है, मगर चोरी के पैसों का उपहार आज के दिन कौन बहन लेना चाहेगी, तुम ही बताओ…”।

“चोरी के पैसों का उपहार… “! संजू कहते-कहते नजरें चुराने लगा।

“मेरे साथ आंख मिला कर बात करो। क्‍या यह अंगूठी पापा के चुराए पैसों से नहीं खरीदी? कल शाम को पापा मम्मी से पूछ रहे थे कि उनकी जेब से आठ सौ रुपए कम हैं। फिर यह अंगूठी भी आठ सौ रुपए की है। मैंने सुनार को फोन कर पूछा तो उसने बताया कि दोपहर को तुम्हारा भाई पैसे देकर वह अंगूठी ले गया है”।

संजू की चोरी पकड़ी गई थी। वह शर्मिंदा था। टीना ने उसका उपहार उसके हाथ में रखा और जाने लगी। तभी संजू ने अपनी दीदी का हाथ पकड़ कर क्षमा मांगते हुए कहा, “दीदी, आज के दिन क्या अपने भाई की इस भूल को क्षमा नहीं करोगी”।

“मैं तुमसे बादा करता हूं, आइंदा कभी चोरी नहीं करूंगा और पापा से भी इस अपराध के लिए माफी मांगूगा”।

टीना ने संजू की तरफ देखा तो उसकी आंखों से पश्चाताप के आंसू छलक रहे थे। उसने प्यार से संजू को गले से लगा लिया, फिर दोनों भाई-बहन पापा को सच्चाई बताने उनके कमरे की तरफ बढ़ गए।

~ ‘बहन से वादा‘ story by ‘हरिन्दर सिंह गोगना

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