मां का जादू टोना: मां बेटा का रिश्ता बेहद खास होता है। कहते हैं अगर बेटियां पापा की गुड़िया होती हैं, तो बेटे भी मां के जिगर का टुकड़ा होते हैं। मां बेटे की हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जरूरतों का ध्यान रखती है और बेटा भी मां के कदमों में दुनिया की सारी खुशियां वारने को …
Read More »चारु चंद्र की चंचल किरणें: मैथिलीशरण गुप्त की लोकप्रिय हिंदी कविता
चारु चंद्र की चंचल किरणें: Here is an excerpt from the famous poem Panchvati by Maithili Sharan Gupt. The description is of the cottage in Panchvati forest that was the abode of Ram, Laxman and Sita during the terminal year of their 14 years banvas. As Ram and Sita sleep inside, Laxman is on guard outside. This poem further goes on …
Read More »Earth: Mother Earth Day Special Poetry
Mother Earth – Earth Day takes place every year on 22 April and in previous years, people have taken part in protests, marches and big clean-ups to highlight the importance of being green and taking care of the planet. Earth: Kids Poem for Earth Day Nature we should all respect, All of this can make an affect, So appreciate and clean, …
Read More »आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी की बाल-कविता
आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी – Here is a simple poem on spring for children. The scenery described comprising the mustard fields and flowering of mango trees is something that many urban children today would not be familiar with. For old timers, these things arouse nostalgia. आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी आया वसंत आया वसंत छाई जग में शोभा अनंत सरसों खेतों …
Read More »Basant: Yudh: Poem on Kite Flying
The festival of Basant Panchami is dedicated to Goddess Saraswati who is considered to be a goddess of knowledge, wisdom and learning. This festival is celebrated in India at the start of spring (Basant) which is generally on the 5th day (Panchami) of the spring season. This festival is associated with kite flying. Basant: Short English Poetry on Kite Flying …
Read More »ये सुबह तुम्हारी है: प्रदीप मिश्रा
ये सुबह तुम्हारी है: प्रदीप मिश्रा – भारत में नव वर्ष का आयोजन सभी लोग अपने धर्म के हिसाब से अलग-अलग दिनों में मनाते है लेकिन पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव के कारण ज्यादातर लोग अब 1 जनवरी को भी नव वर्ष का आयोजन करते है। हिन्दुओं का नया साल चैत्र नव रात्रि के प्रथम दिन यानी गुड़ी पड़वा पर हर …
Read More »नूतन वर्ष: राजीव रंजन प्रसाद
नूतन वर्ष: राजीव रंजन प्रसाद – यानि नए साल को हर कोई अपने अपने तरीके से मनाता है, लेकिन सबके लिए नया साल नए उम्मीदे ले आता है, जो की बहुत ही आनंदित करने वाला होता है, तो ऐसे मे नया साल का उत्सव हर कोई सुंदर और शानदार तरिके से मनाते है, पूरी दुनिया मे 31 दिसंबर की रात …
Read More »नए वर्ष का हो अभिनंदन: गौरव ग्रोवर
नए वर्ष का हो अभिनंदन: गौरव ग्रोवर – प्राचीन रोमन कैलेंडर में 10 महीने और 304 दिन होते थे और वसंत ऋतू के प्रारंभ में नया साल मनाया जाता था। इस परंपरा को रोम के संस्थापक रोमुलस द्वारा आठवीं शताब्दी ईसा पूर्व में बनाया गया था। 1713 ईसा पूर्व के दौरान, रोम के दूसरे राजा नुमा पोम्पिलियस ने रोमन कैलेंडर …
Read More »फिर आया है नया साल: मानोशी चटर्जी
फिर आया है नया साल: मानोशी चटर्जी – ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, साल में 12 महीने होते हैं और हर साल 1 जनवरी को नए साल के पहले दिन के रूप में चुना गया है। इसलिए पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नया साल मनाया जाता है। नए साल की तैयारियां एक महीने पहले ही शुरू हो जाती है। स्कूल, …
Read More »नया साल मंगलमय हो: पूर्णिमा वर्मन
नया साल मंगलमय हो: पूर्णिमा वर्मन – यूं तो पूरे विश्व में नया साल अलग-अलग दिन मनाया जाता है, और भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में भी नए साल की शुरूआत अलग-अलग समय होती है। लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी से नए साल की शुरूआत मानी जाती है। चूंकि 31 दिसंबर को एक वर्ष का अंत होने के बाद …
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