Tag Archives: Human Behaviour folktales for Students

महाराणा प्रताप की रानी: वीर राजपूत नारी की लोक कथा

महाराणा प्रताप की रानी - वीर राजपूत नारी की लोक कथा

महाराणा प्रताप की रानी: वीर राजपूत नारी की लोक कथा – वर्ष 1576 ई० में हल्दी घाटी का विकट युद्ध हुआ। यदि राणा चाहते तो अपने भाले की नोक से बाबर के घर का चिराग गुल कर देते, शहजादा सलीम के हाथी पर चेतक अपने अगले चरण रख चुका था। राजपूतों ने बड़ी वीरता दिखायी, मान का अभिमान विजयी हुआ। …

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Amazing adventures of Hanuman: Kids Folk Tale Of Monkey God

Amazing adventures of Hanuman

Amazing adventures of Hanuman Page [1]: Once upon a time, long ago, there lived in India a monkey-boy called Hanuman. His father was Vayu, the god of the winds, and his mother was a monkey princess. Although he was only little, Hanuman had magic powers. He was also naughty. This is the story of some exciting adventures, which began in …

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छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह

छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह

छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह: सरसा नदी पर जब श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी से छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह तथा बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी बिछुड़ गए तो उनको गुरु घर का रसोइया गंगू अपने गांव सहेड़ी ले आया। वहां से उसने मुखबरी करते हुए साहिबजादों और माता गुजरी जी को गिरफ्तार करवा …

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Martyrdom of Younger Sahibzadas: Zorawar Singh & Fateh Singh

छोटे साहिबजादों के साथ वजीर खान की क्रूरता: Martyrdom of Younger Sahibzadas

PART I – Martyrdom of Younger Sahibzadas Anandpur Battle and Separation of Guru Gobind Singh’s Family Martyrdom of Younger Sahibzadas: The brave and fearless Sikhs (army) of Guru Gobind Singh were engaged for months together in a prolonged battle with the Mughal army outside the Fort of Anandpur. Emperor Aurangzeb sent a message on oath that if the Guru and …

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हनुमान और सुरसा का शिक्षाप्रद प्रंसग: रामायण से जुड़ी लघु कहानी

हनुमान और सुरसा का शिक्षाप्रद प्रंसग: हनुमान जी भगवान राम के परम् भक्त थे। जब लंका का राजा रावण सीता को हर कर ले गया तो राम और लक्ष्मण वन वन सीता को खोजने लगे। एक दिन वे घूमते हुए किष्कंधा पहुचे। वहाँ उनकी उनकी भेंट हनुमान से हुई। हनुमान सुग्रीव के मंत्री थे। उन्होंने सुग्रीव के साथ राम लक्ष्मण …

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गुरु अर्जुन देव जी: मानवता के सच्चे सेवक

गुरु अर्जुन देव जी: मानवता के सच्चे सेवक

श्री गुरु अर्जुन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सम्पादन भाई गुरदास जी की सहायता से किया और रागों के आधार पर गुरुग्रंथ साहिब जी में संकलित बाणियों का जो वर्गीकरण किया है, उसकी मिसाल मध्यकालीन धार्मिक ग्रंथों में दुर्लभ है। सिख धर्म में सबसे पहला बलिदान शांति के पुंज और शहीदों के सरताज पांचवें गुरु श्री …

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