Tag Archives: India Poems for Students

सिंधु में ज्वार: अटल बिहारी वाजपेयी की देश प्रेम कविता

सिंधु में ज्वार: अटल बिहारी वाजपेयी की देश प्रेम कविता

सिंधु में ज्वार: On the auspicious occasion of the birthday of our past Prime Minister Atal Ji, I am posting excerpt from an inspiring poem written by him. सिंधु में ज्वार: अटल बिहारी वाजपेयी आज सिंधु में ज्वार उठा है नगपति फिर ललकार उठा है कुरुक्षेत्र के कण–कण से फिर पांचजन्य हुँकार उठा है। शत–शत आघातों को सहकर जीवित हिंदुस्थान …

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पानी और धुप: सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रेरणादायी देश प्रेम कविता

पानी और धुप: सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रेरणादायी देश प्रेम कविता

पानी और धुप: Here is a poem written by the famous poetess Subhadra Kumari Chauhan at the time of freedom struggle of India. It depicts the desire of a child to learn the use of sword to ward off policemen who come to arrest the freedom fighter ‘Kaka’. पानी और धुप: सुभद्रा कुमारी चौहान अभी अभी थी धूप, बरसने, लगा …

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Chant To Netaji Subhas Chandra Bose: Inspirational Poem

Chant To Netaji Subhas Chandra Bose - An Inspirational Poetry

Chant To Netaji Subhas Chandra Bose – Poem by Ratan Bhattacharjee: Subhas Chandra Bose was a most famous legendary figure and brave freedom fighter in the Indian history. His great contributions of freedom struggle are unforgettable in the history of India. He was a real brave hero of the India who had left his home and comfort forever for his …

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खुशियों के त्यौहार Bal Kavita on Indian Festivals

Bal Kavita on Indian Festivals खुशियों के त्यौहार

खुशियों के त्यौहार: भारत त्‍यौहार और मेलों का देश है। वस्‍तुत: वर्ष के प्रत्‍येक दिन उत्‍सव मनाया जाता है। पूरे विश्‍व की तुलना में भारत में अधिक त्‍यौहार मनाए जाते हैं। प्रत्‍येक त्‍यौहार अलग अवसर से संबंधित है, कुछ वर्ष की ऋतुओं का, फसल कटाई का, वर्षा ऋतु का अथवा पूर्णिमा का स्‍वागत करते हैं। दूसरों में धार्मिक अवसर, ईश्‍वरीय …

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मंगल दीप दिवाली: दिवाली पर हिंदी कविता

Motivational Hindi Poem about Diwali Festival मंगल दीप दिवाली

मंगल दीप दिवाली: दीपावली के शुभ दिन भारत में महालक्ष्मी की पूजा का विधान है। दीपावली के पूजन में दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सिर्फ मिट्टी के दीपक का ही महत्व है। इसमें पांच तत्व हैं, मिट्टी, आकाश, जल, अग्नि और वायु। इस लिए प्रत्येक हिंदू अनुष्ठान में पंच तत्वों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। मंगल दीप दिवाली वह …

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दिवाली आई, दिवाली आई: हिंदी बाल-कविता

Diwali Festival Hindi Rhyme दिवाली आई, दिवाली आई

दिवाली आई, दिवाली आई: हिंदी बाल-कविता दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। धूम धमक धूम-धूम, चकरी, बम, हवाई इनसे बचना भाई। दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। पटाखे बाजे धूम-धूम, धूम-धूम। आओ मिलकर नाचे गए हम और तुम…। घर घर दीप जलेंगे, आएगी मिठाई। दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। धूम धमक धूम-धूम, चकरी, …

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दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे: कविता

Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे

दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे: दिवाली भारतीयों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है और हमारे लिए लगभग कोई भी त्योहार आतिशबाजी के बिना पूरा नही माना जाता है। लोग पटाखों और आतिशबाजी को लेकर इतने उत्सुक होते हैं कि वह दिवाली के एक दिन पहले से ही पटाखे फोड़ना शुरु कर देते हैं और कई बार …

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दिवाली रोज़ मनाएं: दीपावली पर छोटी कविता

दिवाली रोज़ मनाएं - संदीप फाफरिया ‘सृजन’

दिवाली रोज़ मनाएं: भारत में यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है। धनतेरस से भाई दूज तक यह त्योहार चलता है। धनतेरस के दिन व्यापार अपने बहीखाते नए बनाते हैं। अगले दिन नरक चौदस के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करना अच्‍छा माना जाता है। अमावस्या के दिन लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है। खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता …

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Great Leader Gandhiji: Kids Poetry on Mahatma Gandhi

Kids Poetry about Mahatma Gandhi - Great Leader Gandhiji

Great Leader Gandhiji: Mohandas Karamchand Gandhi was born on October 2, 1869 in Porbandar, India. He became one of the most respected spiritual and political leaders of the 1900’s. Gandhiji helped free the Indian people from British rule through nonviolent resistance, and is honored by Indians as the father of the Indian Nation. The Indian people called Gandhiji ‘Mahatma’, meaning …

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Inspirational Poem on Gandhiji: Beloved Bapu

Beloved Bapu

Beloved Bapu: On his return to India in 1916, Gandhi developed his practice of non-violent civic disobedience still further, raising awareness of oppressive practices in Bihar, in 1918, which saw the local populace oppressed by their largely British masters. He also encouraged oppressed villagers to improve their own circumstances, leading peaceful strikes and protests. His fame spread, and he became …

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